आज का इतिहास: लगातार 15 हिट फिल्में देने का रिकॉर्ड, लड़कियां खून से लिखती थीं खत; जानिए सुपरस्टार की कहानी

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2 घंटे पहले

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बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना का जन्म आज ही के दिन 1942 में पंजाब के अमृतसर में हुआ था। अपने एक्टिंग करियर में उन्होंने एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी। राजेश खन्ना को सुपरस्टार का दर्जा उनकी फिल्मों की बॉक्स ऑफिस पर जबर्दस्त कामयाबी और उनकी लोकप्रियता की वजह से मिला था।

राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था, लेकिन उन्होंने अपने अंकल की सलाह पर बॉलीवुड में एंट्री से पहले अपना नाम राजेश खन्ना रख लिया था। राजेश खन्ना का पालन-पोषण उनके बायोलॉजिकल माता-पिता ने नहीं, बल्कि उन्हें गोद लेने वाले उनके पेरेंट्स के परिचितों ने किया था। कहा जाता है कि उनके पेरेंट्स ने उनकी मां की नि:संतान बहन को उन्हें देने का वादा किया था और बाद में इसे पूरा भी किया। हालांकि, राजेश खन्ना इस बारे में कुछ भी बताने से कतराते रहे और इसे लेकर उन्होंने पत्रकारों को अलग-अलग कहानियां सुनाई थीं।

लगातार 15 हिट फिल्म देने वाले एकमात्र एक्टर

1969 से 1971 तक उन्होंने रिकॉर्ड 15 हिट फिल्में दी थीं। उनकी इस शानदार कामयाबी का दौर 1969 में आई फिल्म ‘आराधना’ से शुरू हुआ था, जो 1971 में फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ तक जारी रहा।

राजेश खन्ना की कामयाबी और जबर्दस्त फैन फॉलोइंग को देखते हुए BBC ने 1974 में उन पर एक डॉक्यूमेंट्री ‘बॉम्बे सुपरस्टार’ बनाई थी।

राजेश खन्ना ने अपने करियर में 100 से ज्यादा सोलो लीड रोल वाली फिल्में की थीं।

राजेश खन्ना ने अपने करियर में 100 से ज्यादा सोलो लीड रोल वाली फिल्में की थीं।

सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर थे राजेश खाना

70 और 80 के दशक में राजेश खन्ना की फिल्मों का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोलता था। 70 और 80 के दशक में वह फिल्मों के लिए सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर थे। राजेश खन्ना ने बॉलीवुड में कदम 1965 में फिल्मफेयर टैलेंट हंट जीतकर रखा था।

राजेश खन्ना ने 1966 में आई फिल्म ‘आखिरी खत’ से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था, जो 1967 में भारत की ऑस्कर में पहली आधिकारिक एंट्री फिल्म बनी थी।

2013 में भारतीय डाक विभाग ने राजेश खन्ना पर एक डाक टिकट जारी किया था।

2013 में भारतीय डाक विभाग ने राजेश खन्ना पर एक डाक टिकट जारी किया था।

तस्वीर से शादी कर लेती थीं लड़कियां

अपने दौर में राजेश खन्ना के प्रति लड़कियों की दीवानगी की कई कहानियां चर्चित हैं। उनकी एक्टिंग ही नहीं बल्कि उनकी हर अदा की लड़कियां दीवानी थीं। कहा जाता है कि अपना प्यार जताने के लिए उन्हें लड़कियां खून से लिखे खत भेजती थीं। उनमें से कई ने तो उनकी तस्वीर से शादी कर ली थी। उनकी सफेद फिएट कार को लड़कियां लिपस्टिक मार्क से लाल कर देती थीं। उनकी लोकप्रियता का आलम ये था कि उन्हें घर से बाहर निकलने के लिए पुलिस के सुरक्षा घेरे की जरूरत पड़ती थी।

17 साल की डिंपल कपाड़िया से की थी शादी

राजेश खन्ना ने एक्ट्रेस अंजू महेंद्रू को सात साल तक डेट किया था, लेकिन 1972 में उनका ब्रेक-अप हो गया। इस ब्रेक-अप के बाद राजेश खन्ना ने एक नई-नवेली हीरोइन डिंपल कपाड़िया से शादी कर ली थी। उस समय राजेश खन्ना की उम्र 32 और डिंपल की उम्र 17 साल थी। जब राजेश खन्ना ने डिंपल से उनकी पहली फिल्म बॉबी के रिलीज होने से 8 महीने पहली शादी की थी।

राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया की दो बेटियां ट्विंकल और रिंकी हुईं। फिल्म ‘बॉबी’ के बाद बच्चों की परवरिश के लिए डिंपल ने फिल्मों से 12 साल का ब्रेक लिया था। 1982 में वे और राजेश अलग हो गए, हालांकि उन्होंने कभी तलाक नहीं लिया।

राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से तब शादी की थी जब उनकी पहली फिल्म बॉबी रिलीज होने में आठ महीने बाकी थे।

राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से तब शादी की थी जब उनकी पहली फिल्म बॉबी रिलीज होने में आठ महीने बाकी थे।

100 से ज्यादा फिल्मों में सोलो लीड भूमिका निभाई

अपने तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में राजेश खन्ना ने करीब 20 ही ऐसी फिल्मों में काम किया, जो दो हीरो प्रोजेक्ट वाली थीं। बाकी अपनी 100 से ज्यादा फिल्मों में उन्होंने सोलो लीड भूमिका निभाई थी।

राजेश खन्ना ने ही सलीम खान और जावेद अख्तर की लेखक जोड़ी को फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ के जरिए स्क्रीनराइटर के रूप में पहला ब्रेक दिया था। इसके बाद सलीम-जावेद की जोड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

18 जुलाई 2012 को 69 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद राजेश खन्ना का मुंबई में निधन हो गया।

भारत और दुनिया में 29 दिसंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं :

2015: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी को इबोला मुक्त घोषित किया। गिन्नी के एक गांव के 18 साल के युवक में सबसे पहले इबोला संक्रमण मिला था।

2004: 26 दिसंबर को आई सुनामी लहरों के कारण इंडोनेशिया में मरने वालों की संख्या 60,000 पहुंची।

1984: इंदिरा शोक लहर में कांग्रेस को आजाद भारत में सबसे बड़ी जीत मिली। 404 लोकसभा सीटों के साथ राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने। आंध्र प्रदेश में पहली बार चुनाव में उतरी तेलुगु देशम पार्टी 30 सीटें जीतकर सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के तौर पर उभरी।

1983: सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में अपना बेस्ट स्कोर 236 रन वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाया। चेन्नई में हुआ ये मैच सीरीज का छठवां और आखिरी मैच था। मैच ड्रॉ रहा, सीरीज वेस्टइंडीज ने 3-0 से जीती। गावस्कर मैन ऑफ द मैच रहे।

1975: ब्रिटेन में महिलाओं और पुरुषों के समान अधिकारों से जुड़ा कानून लागू हुआ।

1972: कलकत्ता (अब कोलकाता) में मेट्रो रेल का काम शुरू हुआ।

1930: मुस्लिम लीग के 25वें अधिवेशन में मशहूर शायर मोहम्मद इकबाल ने चर्चिच भाषण दिया था, जो अब पाकिस्तान में ‘आइडिया ऑफ पाकिस्तान’ के नाम से पढ़ाया जाता है।

1917: प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर का जन्म हुआ। धारावाहिक ‘रामायण’ से देश के घर-घर में वो मशहूर हुए।

1845: अमेरिकी कांग्रेस में मंजूरी के बाद टेक्सास अमेरिका का 28वां राज्य बना।

1530: मुगल शासक बाबर के निधन के बाद उनका बेटा हुमायूं गद्दी पर बैठा।

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