पंजाब सरकार का बड़ा सियासी दांव: बिजली के बाद अब सीवरेज-पानी के बकाया बिल माफ; आगे के लिए अधिकतम 50 रुपए बिल फिक्स

0

  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Big Political Bet Of Punjab Government, Now After Electricity, Sewerage water Bill Is Waived; Bill Fix Up To A Maximum Of Rs 50 For Further

जालंधर14 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले पंजाब सरकार ने चुनावी पिटारा खोल दिया है। बिजली बिल माफी के बाद शहरों में सीवरेज-पानी बिल के बकाया माफ कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी की घोषणा के बाद इसका आदेश जारी कर दिया गया। इसके मुताबिक पंजाब में 125 वर्ग गज तक बिल पूरी तरह माफ रहेगा। इससे ऊपर की सभी कैटेगरी के लिए बिल 50 रुपए प्रति महीना फिक्स कर दिया गया है।

इसके अलावा घरों के सीवरेज और पानी बिल के बकाया पूरी तरह माफ कर दिए गए हैं। इनमें मूल रकम के साथ ब्याज और जुर्माना भी नहीं देना होगा। यह भी तय किया गया कि शहरी क्षेत्रों में वाटर सप्लाई के बकाया बिजली बिल पंजाब सरकार सीधे पावरकॉम (PSPCL) को देगी। यह आदेश 21 अक्टूबर से पहले के बकाया बिलों पर लागू होगा।

पंजाब सरकार का बिल माफी का नोटिफिकेशन।

पंजाब सरकार का बिल माफी का नोटिफिकेशन।

निगमों और कौंसिलों की कमाई को बड़ा झटका
पंजाब सरकार के फैसले से पंजाब में नगर निगम और नगर कौंसिलों की कमाई को बड़ा झटका लगा है। पहले 125 वर्ग गज से ऊपर 100 रुपए बिल लिया जाता था। निगम तैयारी में थे कि बड़े घरों में वाटर मीटर लगाकर कमाई बढ़ेगी लेकिन इस पर पानी फिर गया। इसके अलावा बकाया रिकवरी कर आर्थिक हालत सुधरेगी लेकिन अब उससे भी हाथ धोना पड़ गया है।

पहले दे चुके बिजली बिल माफी की सौगात
इससे पहले सीएम चरणजीत चन्नी पंजाब में बिजली बिल माफी की सौगात दे चुके हैं। पंजाब में 2 किलोवॉट तक के कनेक्शन वालों को यह राहत दी गई। इसमें करीब 53 लाख परिवार आते हैं। इनका 1,200 करोड़ का बिजली बिल माफ हुआ है। इसके अलावा लाभार्थी कैटेगरी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की मुफ्त यूनिट भी 200 से बढ़ाकर 300 कर दी गई हैं। चन्नी सरकार ने एक लाख उन उपभोक्ताओं के कनेक्शन फ्री में जोड़ने का फैसला किया, जिन्हें बकाया बिल की वजह से काटा गया था।

पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू लगातार बड़े मुद्दे उठाते रहे।

पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू लगातार बड़े मुद्दे उठाते रहे।

बड़े मुद्दों पर सरकार की चुप्पी
खास बात यह है कि जिन मुद्दों पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की CM की कुर्सी गई, उसको लेकर चन्नी सरकार चुप है। श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी और उससे जुड़े गोलीकांड के अलावा नशा, गलत बिजली समझौते जैसे मुद्दों पर कुछ नहीं कहा जा रहा। मंत्री इस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कह रहे हैं। सीएम रहते अमरिंदर भी यही तर्क देते रहे कि मामले कोर्ट में हैं। नवजोत सिद्धू ने भी हर उपभोक्ता को 3 से 5 रुपए प्रति यूनिट बिजली का दावा किया था लेकिन अभी भी समझौते बरकरार हैं और लोग महंगी बिजली खरीदने को मजबूर हैं।

खबरें और भी हैं…

Leave a Reply